
ताज की नगरी आगरा सिर्फ उत्तर प्रदेश का ही नहीं बल्कि भारत का गौरव है। अपनी ऐतिहासिक इमारतों के लिए मशहूर यह शहर देश-विदेश के बीच लोकप्रिय पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाता है। यहां की प्राचीन धरोहर मुगल काल की याद ताजा कर देती हैं। बात चाहे मोहब्बत की निशानी ताजमहल की हो या आगरा किले की, हर इमारत एक से बढ़कर एक है। आगरा किले में आज भी शाहजहां की अंतिम दिनों की तन्हाई को महसूस किया जा सकता है। आगरा के पास ही बसे फतेहपुर सीकरी में सलीम चिश्ती की दरगाह पर दुआएं मांगने वालों का तांता लगा रहता है। मुगल वास्तुशिल्प का अनोखा रूप दिखलाता आगरा सैलानियों को इतिहास के करीब ले जाता है।
ताजमहल
आगरा का वर्णन ताजमहल के बिना अधूरा ही माना जाता है। बहुत से लोग तो ताजमहल के कारण ही आगरा को जानते हैं। ताजमहल को मुगलों द्वारा बनवाई गई सर्वश्रेष्ठ स्मारक माना जाता है। 1983 में इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची का हिस्सा बनाया गया। उस्ताद अहमद लाहौरी को ताजमहल का प्रधान शिल्पकार माना जाता हे। इसके बारे में कहा जाता है इसकी बनावट और सजावट पर इतिमद-उद-दौला के मकबरे का प्रभाव पड़ा है।